रायपुर। रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
सेप्टिक टैंक में उतारे गए थे मजदूर
जानकारी के मुताबिक, टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूर—गोविंद सेंद्रे, अनमोल मांझी और प्रशांत कुमार—को अंदर उतारा गया था। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक सिमरन सिटी के निवासी थे।
ठेकेदार के बाद अब प्रबंधन पर भी कार्रवाई
इस मामले में पहले ही पुलिस ने ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज किया था। अब अस्पताल प्रबंधन पर भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टिकरापारा थाना कर रहा जांच
टिकरापारा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से लगातार पूछताछ की जा रही है।
लापरवाही की जांच, सख्त कार्रवाई के संकेत
पुलिस का कहना है कि हादसे के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
