दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सरकारी स्कूल उस वक्त दहशत का केंद्र बन गया, जब अज्ञात असामाजिक तत्वों ने स्कूल परिसर में तोड़फोड़ के साथ-साथ तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया। इस घटना से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में भय का माहौल है। मामला छत्तीसगढ़ के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केलाबाड़ी सरकारी स्कूल का है।
क्लासरूम को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, स्कूल की एक कक्षा में रखी टेबल-कुर्सियों को नुकसान पहुंचाकर आग लगा दी गई, वहीं कमरे में लगे पंखे को तोड़कर चोरी कर लिया गया। इतना ही नहीं, कक्षा के दरवाजे और आसपास आपत्तिजनक शब्द लिखे गए, जिससे स्कूल का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ।
तांत्रिक प्रतीकों से फैलाया डर
घटना को और गंभीर बनाते हुए अराजक तत्वों ने कक्षा के बाहर चुनरी, माला, गोबर-मिट्टी और सिंदूर का उपयोग कर तांत्रिक प्रतीक बनाए। दरवाजे के सामने की गई इन रहस्यमयी हरकतों को देखकर बच्चे और शिक्षक सहम गए। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह सब जानबूझकर भय पैदा करने की नीयत से किया गया।
भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित है स्कूल
केलाबाड़ी स्थित यह शासकीय स्कूल दुर्ग शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां पहली से आठवीं कक्षा तक लगभग 130 छात्र अध्ययनरत हैं। वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के बीच इस तरह की घटना सामने आने से स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस और शिक्षा विभाग जांच में जुटे
स्कूल की प्रधान पाठिका शमा बेगम ने घटना की सूचना जिला शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ पद्मनाभपुर पुलिस को दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चोरी और तोड़फोड़ का मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं शिक्षा विभाग भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि कुछ माह पहले दुर्ग के ही बोरसी इलाके के एक सरकारी स्कूल में भी तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधि सामने आई थी, जहां कथित रूप से बलि से जुड़ी आकृति बनाई गई थी। लगातार दूसरी बार इस तरह की घटना सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है कि आखिर स्कूलों को डर का अड्डा बनाने की साजिश कौन कर रहा है।
