सुकमा।
छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर हुए बड़े नक्सल ऑपरेशन में आखिरकार उस माओवादी चेहरे का अंत हो गया, जिसकी तलाश सुरक्षा एजेंसियां वर्षों से कर रही थीं। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने पुष्टि की है कि कुख्यात माओवादी कमांडर और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिडमा मुठभेड़ में मारा गया है। खबर फैलते ही सुकमा जिले में लोगों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई।
सीमा पर चला हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन
अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली क्षेत्र में नक्सलियों की मूवमेंट की सूचना के बाद विशेष बलों ने घने जंगलों में ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने छह नक्सलियों को ढेर कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला कि मारे गए नक्सलियों में संगठन के कई बड़े कैडर मौजूद थे, जिनमें हिडमा, उसकी पत्नी राजे और एसज़ेडसीएम टेक शंकर भी शामिल हैं।
PLGA बटालियन नंबर–1 का प्रमुख था हिडमा
सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन का नेतृत्व आंध्र प्रदेश की स्पेशल ग्रेहाउंड टीम कर रही थी। जिन नक्सलियों को निशाना बनाया गया, उनमें CPI (माओवादी) की PLGA बटालियन नंबर–1 का कमांडर हिडमा भी था, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसे केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था और वह हमेशा 200–250 हथियारबंद नक्सलियों के साथ चलता था।

कौन था माडवी हिडमा?
• असली नाम संतोष, उम्र लगभग 43 वर्ष
• जन्म — पूवर्ति गांव, सुकमा
• CPI (माओवादी) की लड़ाकू विंग का सबसे खतरनाक कमांडर
• सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमलों की रणनीति तैयार करने वाला
• 26 से अधिक बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार
जिन हमलों में उसकी भूमिका पक्की मानी गई
- 2010 दंतेवाड़ा हमला — 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
- 2013 झीरम घाटी नरसंहार — 27 लोगों की मौत, वरिष्ठ नेताओं सहित
- 2021 सुकमा–बीजापुर एन्काउंटर — 22 जवान शहीद
हिडमा की पत्नी और डिविजनल कमेटी मेंबर राजे (राजक्का) के भी ऑपरेशन में मारे जाने की पुष्टि हुई है।
मारे गए नक्सलियों की पहचान
एपी ग्रेहाउंड्स द्वारा बरामद शवों में ये शामिल बताए जा रहे हैं —
- माडवी हिडमा — केंद्रीय समिति सदस्य
- राजे (राजक्का) — DVCM, हिडमा की पत्नी
- चेल्लुरी नारायण उर्फ सुरेश — SZCM
- टेक शंकर — सब जोनल कमेटी सदस्य
5–6. अन्य दो नक्सलियों की पहचान जारी
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ की ओर भी सीमावर्ती पुलिस चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
आईजी सुंदरराज ने कहा — “बस्तर में नक्सल हिंसा के एक लंबे, काले अध्याय का अंत हुआ है। यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों के लिए ऐतिहासिक सफलता है।”
