रायपुर। नगर निगम रायपुर ने जनशिकायतों के आधार पर शहर के खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नैवेद्य फैक्ट्री और गुजराती मिष्ठान भंडार पर कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जुर्माना लगाया गया और सुधार के निर्देश जारी किए गए।
नालियों में कचरा डालने पर नैवेद्य फैक्ट्री पर 10 हजार का जुर्माना
नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही को मिली जनशिकायत के बाद नैवेद्य फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि फैक्ट्री द्वारा नगर निगम की नालियों में कचरा डाला जा रहा था, जिससे नालियां जाम हो गई थीं। शिकायत सही पाए जाने पर फैक्ट्री संचालक पर तत्काल 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और स्वच्छता व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए।
गुजराती मिष्ठान भंडार को मिनी एसटीपी लगाने का नोटिस
इसी क्रम में जोन क्रमांक 4 अंतर्गत गुजराती मिष्ठान भंडार का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था नहीं पाई गई। इस पर स्वास्थ्य अधिकारी ने मिनी एसटीपी लगाने का नोटिस जारी किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 5 हजार रुपये का ई-जुर्माना वसूला गया।
होटल गुरुकृपा में गंदगी मिलने पर कार्रवाई
नगर निगम जोन 10 में भी जनशिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने होटल गुरुकृपा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान होटल परिसर में गंदगी पाई गई, जिसके बाद संचालक पर 2,500 रुपये का ई-जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान जोन 4 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र चंद्राकर और निगम मुख्यालय के स्वच्छता निरीक्षक गिरिजेश तिवारी मौजूद रहे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
