अंबिकापुर/बैकुंठपुर।
सूरजपुर जिले के एक रेस्ट हाउस में बार बालाओं के कथित अश्लील डांस का वीडियो सामने आने के बाद मामला अब कानून-व्यवस्था से निकलकर राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस में बदल गया है। वीडियो पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम की टिप्पणी ने विवाद को और हवा दे दी है, जिस पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर पहुंचे मंत्री नेताम से जब पत्रकारों ने इस वायरल वीडियो को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इसे हल्के में लेते हुए कहा कि “कला तो कला होती है, उसका दायरा बहुत बड़ा है”। मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया है।
🎭 “कला सिर्फ भजन तक सीमित नहीं” – मंत्री नेताम
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कला को सिर्फ धार्मिक आयोजनों या भजन-कीर्तन तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, नृत्य और प्रदर्शन भी कला का हिस्सा हैं, चाहे वह किसी भी स्थान पर क्यों न हो। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि रेस्ट हाउस में कोई प्रस्तुति हो रही है, तो उसे भी कला के नजरिये से देखा जाना चाहिए।
मंत्री के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
🔥 कांग्रेस का पलटवार: संस्कृति पर सीधा हमला
मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि अश्लील डांस को कला कहना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का अपमान है।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की सोच ही ऐसी हो गई है, जहां मर्यादा और संस्कृति के बीच की रेखा मिटाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोकनृत्य, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से है, न कि रेस्ट हाउस में होने वाली अश्लील गतिविधियों से। यदि ऐसे आयोजनों को कला की श्रेणी में रखा जा रहा है, तो यह भाजपा की सोच हो सकती है, छत्तीसगढ़ की नहीं।
⚖️ बढ़ सकता है मामला
इस पूरे विवाद के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि रेस्ट हाउस में इस तरह के आयोजनों की अनुमति कैसे मिली, और क्या प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई करेगा। वहीं, मंत्री के बयान ने सरकार की मंशा पर भी विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है।
