मिडिल ईस्ट।
इज़रायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग तीसरे दिन और ज्यादा खतरनाक हो गई है। इस युद्ध में अब लेबनान आधारित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह की भी सीधी एंट्री हो चुकी है, जिससे पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में झुलसता नजर आ रहा है।
🔴 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम, ईरान में भारी तबाही
इज़रायली सेना के मुताबिक जंग के शुरुआती 30 घंटों में अमेरिका और इज़रायल ने मिलकर ईरान पर 2,000 से ज्यादा बम गिराए। इन हमलों में ईरान की शीर्ष सैन्य-राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाया गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, कतर और इज़रायल की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
🚀 हिजबुल्लाह का हमला: हाइफा में गिरे 6 रॉकेट
नवंबर 2024 के सीजफायर के बाद पहली बार हिजबुल्लाह ने खुलकर युद्ध में हिस्सा लिया। संगठन ने लेबनान से उत्तरी इज़रायल के शहर हाइफा पर रॉकेट दागे। रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 6 रॉकेट हाइफा इलाके में गिरे। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि यह हमला ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला और लेबनान की रक्षा के लिए किया गया।
✈️ IDF का पलटवार, पूरे लेबनान में एयर स्ट्राइक
हिजबुल्लाह के हमले के बाद IDF ने लेबनान में बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इज़रायली एयरफोर्स ने बेरूत समेत कई इलाकों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया। IDF ने कहा कि सीमा पार से दागे गए कई प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि कुछ खुले इलाकों में गिरे।
🛩️ ईरान के खिलाफ B-2 बॉम्बर की एंट्री
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जंग में अपने सबसे घातक हथियारों में शामिल B-2 स्टील्थ बॉम्बर को उतार दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के अनुसार, 2,000 पाउंड के बमों से लैस B-2 विमानों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। हमले का वीडियो भी जारी किया गया है।
⏳ 4 हफ्ते तक चल सकती है जंग: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ यह युद्ध अगले चार हफ्तों तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक सीमित लेकिन निर्णायक सैन्य अभियान है और जरूरत पड़ी तो इससे पहले भी खत्म किया जा सकता है।
🌍 हालात बेहद तनावपूर्ण
हिजबुल्लाह की एंट्री और अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स के इस्तेमाल के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध का दायरा और फैलने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय युद्ध में बदलने की चेतावनी दे रहे हैं।
