मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे ने मंगलवार तड़के जानलेवा रूप ले लिया। बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास एक के बाद एक 8 बसों और 3 कारों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद कई वाहनों में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 70 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, अब तक 4 शवों की पहचान हो सकी है। शेष मृतकों की पहचान के लिए विशेष टीमें जुटी हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 17 बैगों में कंकाल और जले हुए अवशेष पोस्टमार्टम के लिए लाए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय दृश्यता लगभग शून्य थी। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को आगे का रास्ता नजर नहीं आ रहा था। इसी बीच एक वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहे वाहन आपस में टकराते चले गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई बसों और कारों में धमाके के साथ आग लग गई। आग की लपटें उठते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों को जिला अस्पताल मथुरा, 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन और गंभीर रूप से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में 38 मरीज, बलदेव सीएचसी में 39 घायलों का इलाज जारी है।
कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। “कोहरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, तभी अचानक टक्कर हुई और देखते ही देखते कई वाहन आपस में भिड़ते चले गए,” उन्होंने कहा।
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित कर धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। घने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों से अत्यंत सावधानी बरतने की अपील की गई है।
