नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के बाद देश के आयात-निर्यात समीकरण को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के अनुसार इस डील के तहत भारत आने वाले समय में अमेरिका से करीब 500 बिलियन डॉलर का सामान आयात करेगा। मौजूदा आंकड़ों को देखें तो यह आंकड़ा भारत के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
भारत का कुल आयात कितना है?
विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल आयात 721.20 बिलियन डॉलर रहा। यह पिछले वित्त वर्ष 678.21 बिलियन डॉलर की तुलना में करीब 6.34 प्रतिशत अधिक है। फिलहाल भारत दुनिया के 229 देशों से विभिन्न प्रकार का सामान आयात करता है।
भारत सबसे ज्यादा कहां से करता है आयात?
आंकड़ों के मुताबिक, भारत का सबसे बड़ा आयातक देश चीन बना हुआ है। वर्ष 2024-25 में भारत ने चीन से करीब 113.44 बिलियन डॉलर का सामान मंगाया।
इसके बाद दूसरे स्थान पर रूस रहा, जहां से 63.81 बिलियन डॉलर का आयात हुआ।
तीसरे नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) रहा, जहां से 63.40 बिलियन डॉलर का माल आया।
अमेरिका 45.62 बिलियन डॉलर के आयात के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि सऊदी अरब 30.12 बिलियन डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
भारत किन चीजों का सबसे ज्यादा आयात करता है?
भारत का सबसे बड़ा आयात कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों का है। वर्ष 2024-25 में देश ने 218.45 बिलियन डॉलर का क्रूड ऑयल आयात किया।
इसके बाद इलेक्ट्रिकल मशीनरी और इक्विपमेंट का स्थान रहा, जिसका आयात 88.59 बिलियन डॉलर रहा।
तीसरे स्थान पर मोती और कीमती पत्थर, चौथे पर न्यूक्लियर रिएक्टर और उससे जुड़े उपकरण, जबकि पांचवें स्थान पर ऑर्गेनिक केमिकल्स रहे।
अमेरिका से अभी क्या-क्या खरीदता है भारत?
वर्तमान में भारत अमेरिका से करीब 45.62 बिलियन डॉलर का सामान आयात करता है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा खाने योग्य फल और मेवों का है। इसके अलावा सब्जियां, मछली, पशु उत्पाद और लाइव एनिमल्स भी प्रमुख आयात श्रेणियों में शामिल हैं।
नई ट्रेड डील के तहत इस आयात को बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर तक ले जाने की योजना है, जिसमें कृषि और डेयरी उत्पादों की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है।
चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा
भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वर्ष में यह घाटा 106 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन से भारत में आयात की गति, भारत से चीन को होने वाले निर्यात की तुलना में कहीं तेज है। भारत के कुल चीनी आयात का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ चार श्रेणियों—इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, ऑर्गेनिक केमिकल्स और प्लास्टिक—में सिमटा हुआ है।
क्या बदलेगा ट्रेड डील के बाद?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ नई ट्रेड डील से भारत की आयात निर्भरता में विविधता आएगी और चीन पर एकतरफा निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, 500 बिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा और इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और नीतिगत बदलाव जरूरी होंगे।
