हैदराबाद। तेलंगाना में माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। संगठन से जुड़ा कुख्यात नक्सली लीडर बंडी प्रकाश ने 45 वर्षों तक सक्रिय रहने के बाद हथियार डाल दिए हैं। उन्होंने मंगलवार को तेलंगाना पुलिस महानिदेशक (DGP) के सामने आत्मसमर्पण किया।
बंडी प्रकाश, जो माओवादी संगठन में ‘प्रभात’, ‘अशोक’ और ‘क्रांति’ जैसे नामों से सक्रिय था, लंबे समय से पुलिस के रडार पर था। उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। तेलंगाना स्टेट कमेटी और स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य रहने वाला यह वरिष्ठ नक्सली कई बड़ी नक्सली कार्रवाइयों का मास्टरमाइंड बताया जाता है।
संगठन के भीतर पड़ी दरार
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पोलित ब्यूरो सदस्य वेणुगोपाल उर्फ सोनू दादा के आत्मसमर्पण के बाद संगठन के भीतर मतभेद और असंतोष बढ़ गया था। इसी कड़ी में सिंगरेनी कोलबेल्ट कमेटी, जिसमें बंडी प्रकाश सचिव पद पर कार्यरत था, ने भी हिंसा छोड़ने का फैसला किया।
आत्मसमर्पण के बाद बोले अधिकारी
तेलंगाना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“बंडी प्रकाश जैसे वरिष्ठ नक्सली का सरेंडर होना सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता है। इससे माओवादी संगठन की जमीनी पकड़ कमजोर पड़ेगी।”
बंडी प्रकाश पिछले चार दशक से अधिक समय से सक्रिय था और राज्य के कई जिलों में संगठन को मजबूत करने का काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वालों को राज्य सरकार की नीति के तहत पुनर्वास का अवसर दिया जाएगा।
