नई दिल्ली / श्रीनगर। दिल्ली ब्लास्ट केस में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज़ हो गई है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, कुलगाम से एक और डॉक्टर, डॉ. तजामुल को गिरफ्तार किया गया है। वह श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में कार्यरत था। सुरक्षाबलों ने उसे करण सिंह नगर से पकड़ा है और अब उससे लंबी पूछताछ की जा रही है।

🔴 अब तक 12 गिरफ्तार, जिनमें 6 डॉक्टर शामिल
जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक इस मामले में गिरफ्तार 12 संदिग्धों में से 6 डॉक्टर हैं। इस नेटवर्क की सबसे अहम सदस्य डॉ. शाहीन सईद बताई जा रही हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के संपर्क में थीं। शाहीन को फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन ‘जमात-उल-मोमिनात’ नामक महिला आतंकी विंग से जुड़ी थीं, जिसे सादिया अजहर ने अपने पति यूसुफ अहमद की मौत के बाद बनाया था।
🧠 मेडिकल नेटवर्क की आड़ में आतंकी साजिश
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल मेडिकल प्रोफेशन और शैक्षणिक संस्थानों की आड़ में सक्रिय था। नेटवर्क की जड़ें फरीदाबाद, पुलवामा, कुलगाम और सहारनपुर तक फैली हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क की सक्रियता 4 अक्टूबर से शुरू हुई थी, जब सहारनपुर में डॉ. आदिल की शादी डॉ. रुकैया से हुई थी। इस शादी में कुछ “खास मेहमान” शामिल हुए थे, जिनकी पहचान अभी एजेंसियां कर रही हैं।
🚨 1500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल मामले में अब तक 1500 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि जमात-ए-इस्लामी (JeI) के नेटवर्क पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है — 200 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे गए हैं।
कई जगहों से पोस्टर, डिजिटल डिवाइस, संदिग्ध दस्तावेज और फंडिंग के सबूत बरामद हुए हैं।
🔎 जांच में सामने आए अहम सूत्र
- लाल किला विस्फोट की कड़ियां अब श्रीनगर के नौगाम इलाके में मिले पोस्टरों से जुड़ती दिख रही हैं।
- पुलिस को संदेह है कि पीओके में बैठे आतंकी हैंडलर्स इस मॉड्यूल को दिशा दे रहे थे।
- यूएपीए के तहत संपत्तियों की जांच और डिजिटल ट्रांजेक्शन की फॉरेंसिक जांच जारी है।
