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कागज़ गया, ऐप आया! 2027 में पहली बार ‘डिजिटल जनगणना’, मोबाइल से खुद भर सकेंगे पूरा फॉर्म

कागज़ गया, ऐप आया! 2027 में पहली बार ‘डिजिटल जनगणना’, मोबाइल से खुद भर सकेंगे पूरा फॉर्म

नई दिल्ली। भारत की जनगणना व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है। केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 2027 में पहली बार डिजिटल जनगणना कराने का ऐलान किया है। यानी अब घर-घर घूमकर कागज़ी फॉर्म भरने की जगह मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश की सबसे बड़ी गणना होगी।

लोकसभा में 9 दिसंबर को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2027 की जनगणना भारत के इतिहास में एक टेक्नोलॉजी टर्निंग पॉइंट साबित होगी, जिसमें डेटा तेज, सटीक और पारदर्शी तरीके से जुटाया जाएगा।

कैसे होगी डिजिटल जनगणना?

सरकार एक समर्पित डिजिटल पोर्टल तैयार कर रही है, जिसके जरिए पूरे देश की जनगणना पर रियल-टाइम निगरानी होगी।

  • आम नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे
  • फील्ड कर्मचारी मोबाइल ऐप से डेटा दर्ज करेंगे
  • कागज़ी फॉर्म पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे

इससे डेटा एंट्री में लगने वाला समय घटेगा और गलती की गुंजाइश भी कम होगी।

कहां की गिनती होगी, कैसे होगी?

गृह राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना की मूल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।
हर व्यक्ति की जानकारी उसी स्थान पर दर्ज की जाएगी, जहां वह गणना अवधि के दौरान मौजूद होगा। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से ये जानकारियां भी दर्ज होंगी—

  • जन्म स्थान
  • पिछला निवास
  • वर्तमान जगह पर रहने की अवधि
  • प्रवासन का कारण

क्यों बड़ा माना जा रहा है यह बदलाव?

विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल जनगणना से—

  • डेटा प्रोसेसिंग पहले से कहीं तेज होगी
  • नीतियां ज्यादा सटीक बनेंगी
  • शहरीकरण, प्रवासन और सामाजिक-आर्थिक बदलावों को बेहतर समझा जा सकेगा
  • अंतिम रिपोर्ट कम समय में सार्वजनिक होगी

प्रश्नावली पहले होगी सार्वजनिक

सरकार ने यह भी साफ किया कि जनगणना से पहले सभी सवालों की प्रश्नावली को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा, ताकि राज्यों और एजेंसियों को पूरी तैयारी का समय मिल सके।

2011 के बाद पहली जनगणना

भारत में हर 10 साल में जनगणना का प्रावधान है।

  • पिछली जनगणना: 2011
  • 2021 की जनगणना: कोविड-19 के कारण स्थगित
  • अगली जनगणना: 2027 — पूरी तरह डिजिटल

सरकार का मानना है कि यह बदलाव भारत को डिजिटल गवर्नेंस की नई ऊंचाई तक ले जाएगा।


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Editor Jamhoora

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