रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपना 62वां जन्मदिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर देश और प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व और कार्यशैली की सराहना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राज्यपाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
राष्ट्रीय नेतृत्व की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय को जन्मदिन की बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ के विकास में उनके योगदान की प्रशंसा की। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शांति, सुरक्षा और समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने भी मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जशपुर की बगिया से सत्ता की बागडोर तक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले की कांसाबेल तहसील स्थित ग्राम बगिया में हुआ। वे एक साधारण कृषक और आदिवासी परिवार से आते हैं। प्रारंभिक शिक्षा कुनकुरी स्थित लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों के जरिए सार्वजनिक जीवन में कदम रखा।
पंच से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर
वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में चुने जाने के साथ उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद वे सरपंच बने और फिर तपकरा क्षेत्र से विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे।
1999 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद बनने के बाद उन्होंने लगातार तीन बार संसद में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। 2014 से 2019 तक केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में उन्होंने इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
संगठन और सरकार—दोनों में मजबूत पकड़
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को कई बार नई दिशा दी। विधानसभा चुनाव 2023 में कुनकुरी सीट से जीत के बाद 10 दिसंबर 2023 को वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने और प्रदेश की बागडोर संभाली।
राजनीतिक विरासत और पारिवारिक योगदान
विष्णुदेव साय का परिवार भी लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहा है। उनके पूर्वजों ने विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में क्षेत्र और देश की सेवा की है, जिससे जनसेवा की परंपरा उन्हें विरासत में मिली।
संघर्ष, संगठन और सेवा की मिसाल
एक साधारण पंचायत प्रतिनिधि से प्रदेश के मुख्यमंत्री तक का उनका सफर संघर्ष, संगठनात्मक समर्पण और जनसेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि आज उनका जीवन युवा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक क्षेत्र में आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
जन्मदिवस के मौके पर प्रदेशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं और समर्थक उनके स्वस्थ, दीर्घ और सफल राजनीतिक जीवन की कामना कर रहे हैं।
