नई दिल्ली। लाल किले से चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां जैन धर्म के धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हीरे-पन्नों और माणिक्य से जड़ा सोने का बेशकीमती कलश चोरी हो गया। घटना मंगलवार, 2 सितंबर की है, जिस दिन कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मौजूद थे।
कैसे हुई चोरी?
पुलिस के मुताबिक, कारोबारी सुधीर जैन रोजाना पूजा के लिए यह कलश लेकर आते थे। मंगलवार को भी वे इसे मंच पर लेकर पहुंचे थे, लेकिन स्वागत समारोह के दौरान कलश रहस्यमय ढंग से गायब हो गया।
CCTV फुटेज में एक संदिग्ध नजर आया है, जिसकी पहचान कर ली गई है। जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
1 करोड़ का बेशकीमती कलश
- कलश का वजन: 760 ग्राम सोना
- जड़े हुए रत्न: 150 ग्राम हीरे, माणिक्य और पन्ना
- अनुमानित कीमत: करीब 1 करोड़ रुपये
हालांकि धार्मिक मान्यता के लिहाज से इसकी कीमत का आकलन संभव नहीं है। सुधीर जैन ने कहा कि यह कलश जैन धर्म के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण था।
क्यों खास है यह कलश?
जैन धर्म में कलश स्थापना को शुभता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इससे पूजा और साधना अधिक फलदायी होती है। सुधीर जैन के मुताबिक, कलश का आध्यात्मिक महत्व आर्थिक कीमत से कहीं अधिक है।
लाल किले की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब 15 अगस्त से 9 सितंबर तक लाल किले परिसर में जैन धर्म का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा है।
इससे पहले भी लाल किले की सुरक्षा पर सवाल उठ चुके हैं।
- 2 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई मॉक ड्रिल में स्पेशल सेल की टीम नकली बम लेकर लाल किले में घुस गई थी।
- तैनात पुलिसकर्मी उसे डिटेक्ट नहीं कर पाए थे।
- इस लापरवाही के चलते कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
अब कलश चोरी की इस वारदात ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
