6 मार्च 2024 को हुआ था सनसनीखेज हत्याकांड, अब तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चर्चित गनियारी डबल मर्डर केस में पुलिस ने तीसरे फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मार्शल राजपूत (29 वर्ष), निवासी कृपाल नगर, कोहका के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। इससे पहले इस मामले में दो अन्य आरोपी — चुमेंद्र निषाद और पंकज निषाद — पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

यह मामला 6 मार्च 2024 का है, जब पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी में दादी और पोती की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी चुमेंद्र ने अवैध संबंधों के खुलासे के डर से अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
🔍 कैसे सुलझी डबल मर्डर की गुत्थी
घटना के बाद एफएसएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची थी।
पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम (SIT) गठित की, जिसमें एसीसीयू और राजपत्रित अधिकारी शामिल थे।
जांच के दौरान 62 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई और संदिग्धों का ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट तक कराया गया।
रिपोर्ट के आधार पर पूछताछ में मुख्य आरोपी चुमेंद्र ने अवैध संबंधों और सगाई के बाद खुलासे के डर से हत्या करने की बात कबूल की।
💍 सगाई के बाद उजागर हुआ था रिश्ता
जांच में सामने आया कि 19 फरवरी 2024 को चुमेंद्र की सगाई हो चुकी थी।
मृत बालिका को इस संबंध की जानकारी मिल गई थी और उसने यह बात सहेलियों के माध्यम से सार्वजनिक कर दी थी।
इससे डरकर चुमेंद्र ने अपने साथियों के साथ बालिका और उसकी दादी की हत्या की साजिश रची।
घटना वाली रात आरोपी ने दोस्तों को व्हाट्सएप कॉल पर बुलाया, जो स्कार्पियो (CG 06 E 6666) में मौके पर पहुंचे।
फिर तीनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
🩸 गुस्से में उतारा था मौत के घाट
आरोपी चुमेंद्र ने मृतका को बहला-फुसलाकर बाहर बुलाया और शादी का झांसा दिया।
जब उसने मना किया, तो आरोपी ने टंगिया और चाकू से कई बार वार कर उसकी हत्या कर दी।
चीख सुनकर जब दादी बाहर आईं तो उन्हें भी गर्दन पर चाकू से हमला कर मार डाला।
हत्या के बाद आरोपी ने हथियार तालाब में धोए और अपने साथियों को बताया कि “काम हो गया”।
🚨 अपराधिक इतिहास वाले निकले आरोपी
पुलिस के अनुसार, चुमेंद्र निषाद और पंकज निषाद शराब तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में पहले से शामिल थे।
दोनों के खिलाफ कई प्रकरण पुलगांव थाने में दर्ज हैं।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चाकू, मोबाइल और स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है।
👮 पुलिस टीम की भूमिका
इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा गठित विशेष जांच टीम,
थाना पुलगांव और एसीसीयू यूनिट के अधिकारियों की संयुक्त मेहनत रही।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब यह मामला अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।
