नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में बुधवार सुबह एक बेहद भावुक क्षण देखने को मिला, जब स्वर्गीय हरीश राणा का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। परंपराओं से हटकर उनके भाई और बहन ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि देकर उन्हें अंतिम विदाई दी, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को गहराई से भावुक कर दिया।
एम्स से ग्रीन पार्क तक अंतिम सफर
बुधवार सुबह एम्स (AIIMS) दिल्ली से हरीश राणा का पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से श्मशान घाट लाया गया। जैसे ही पार्थिव शरीर ग्रीन पार्क पहुंचा, परिजनों, परिचितों और समर्थकों की आंखें नम हो गईं। पूरा वातावरण शोक और मातम से भर गया था।
माता-पिता के चेहरे पर अपने जवान बेटे को खोने का दर्द साफ झलक रहा था। मां की रुलाई और पिता की टूटती आवाज़ ने वातावरण को और अधिक गमगीन बना दिया।
नेताओं और समाज के लोगों ने दी अंतिम श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई लोग शामिल हुए। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय भी श्मशान घाट पहुंचे और हरीश राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में संवेदना व्यक्त की।
भाई-बहन का निभा गया फ़र्ज़, बनी भावुक मिसाल
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे मार्मिक क्षण तब आया, जब भाई और बहन ने एक साथ आगे बढ़कर मुखाग्नि दी। यह दृश्य भाई-बहन के अटूट प्रेम, समान अधिकारों, और समाज में आ रहे सकारात्मक बदलाव की प्रतीकात्मक मिसाल बन गया।
असमय मौत से टूटा परिवार
हरीश राणा के निधन से परिवार गहरे शोक में है। अंतिम यात्रा के दौरान उनके घर से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की भीड़ उमड़ी रही, जो उनके प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाती है।
