छत्तीसगढ़ में फरार अपराधी वीरेंद्र तोमर चला रहा था फर्जी संगठन, जल्द होगा असली करणी सेना का बड़ा कार्यक्रम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में करणी सेना के नाम पर चल रहे विवाद पर अब बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह राजपूत ने साफ शब्दों में कहा है कि फरार अपराधी वीरेंद्र तोमर और उसके साथी जिस तथाकथित करणी सेना का संचालन कर रहे थे, उसका राष्ट्रीय करणी सेना से कोई संबंध नहीं है।
महिपाल सिंह ने राजधानी रायपुर पहुंचकर मीडिया से बातचीत में कहा –
“हमारी करणी सेना ‘श्री राजपूत करणी सेना’ है और तोमर बंधुओं की करणी सेना एक फर्जी संगठन है। लोगों को गुमराह किया गया। हमें और उन्हें किसी भी तरह से जोड़ा न जाए।”
फरार तोमर बंधुओं पर गंभीर आरोप
वीरेंद्र तोमर पर मारपीट, सूदखोरी, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की गिरफ्त से लंबे समय से फरार तोमर बंधुओं ने करणी सेना के नाम का दुरुपयोग करते हुए छत्तीसगढ़ में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की। अध्यक्ष महिपाल सिंह ने इसे पूरी तरह फर्जी करणी सेना बताया।
“गलत करेगा, करणी सेना कार्रवाई करेगी”
महिपाल सिंह ने कहा कि श्री राजपूत करणी सेना का उद्देश्य किसी का विरोध या समर्थन करना नहीं है, बल्कि समाज में न्याय और सम्मान की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा –
“अगर कोई भी गलत करेगा, चाहे वह किसी भी वर्ग या संगठन से हो, करणी सेना उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।”
छत्तीसगढ़ में बड़ा आयोजन
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में जल्द ही श्री राजपूत करणी सेना का भव्य आयोजन होने वाला है। इस कार्यक्रम के जरिए संगठन यह स्पष्ट करेगा कि असली और फर्जी करणी सेना में क्या अंतर है और समाज को गुमराह करने वालों की असलियत क्या है।
