140 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की जांच, कई जिलों में छापेमारी
दुर्ग। भिलाई में आज तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में दबिश दी। सुबह 6 बजे हुडको निवासी सुधाकर रावके के घर ईडी की चार सदस्यीय टीम पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की।
पूर्व IAS आलोक शुक्ला के घर भी कार्रवाई
ईडी की टीम ने पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के तालपुरी स्थित आवास पर भी छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक टीम ने यहां से कुछ डिजिटल सबूत भी इकट्ठा किए। बताया जा रहा है कि ईडी एक साथ छत्तीसगढ़ के करीब 10 जिलों में कार्रवाई कर रही है। घोटाले की राशि 140 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पहले भी हो चुकी है रेड
इससे पहले 3 सितंबर को भी ईडी ने कस्टम मिलिंग घोटाले को लेकर भिलाई, दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर सहित कई जगहों पर एक साथ छापे मारे थे। उस दौरान कृषि कारोबारियों के घर और दफ्तरों से अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। रायपुर में भी शंकर नगर, महावीर नगर और अमलीडीह के ठिकानों पर दबिश दी गई थी।
क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?
जानकारी के अनुसार, कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपये की वसूली की जाती थी। बिना इस भुगतान के मिलर्स के बिल पास नहीं होते थे। इस वसूली का मास्टरमाइंड राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी बताए जाते हैं। ईडी दोनों के खिलाफ 3500 पन्नों का चालान दाखिल कर चुकी है, जिसमें 35 पन्नों की समरी भी शामिल है।
