छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों को जहरीला कफ सिरप लिखने के मामले में डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 11 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।
देर रात हुई गिरफ्तारी और FIR दर्ज
जानकारी के अनुसार, एसपी की विशेष टीम ने शनिवार देर रात छापा मारकर डॉक्टर प्रवीण सोनी को राजपाल चौक, कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। परासिया थाना में डॉ प्रवीण सोनी और श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
FIR स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ डॉ अंकित सल्लाम की शिकायत पर दर्ज की गई।
दो अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज
जिले के SP अजय पांडेय ने बताया कि FIR में BNS अधिनियम की धारा 276, 105 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27A के तहत कार्रवाई की गई।
- एडल्टरेशन ऑफ ड्रग (Adulteration of Drug)
- हत्या की कोटि में अपराधिक मानव वध
इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर एक वर्ष से 10 वर्ष तक की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान है।
मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
छिंदवाड़ा जिले में एक महीने में अब तक 11 बच्चों की मौत हुई है। सभी की मृत्यु किडनी फेलियर के कारण हुई। कुछ बच्चे अभी भी गंभीर स्थिति में हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या 14 तक पहुंच सकती है, जांच अभी जारी है।
पूरे मध्य प्रदेश में कफ सिरप पर बैन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बच्चों की मौत के बाद कोल्ड्रिफ कफ सिरप को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
सरकारी अधिकारियों ने सभी मानकों पर खरी न उतरने वाली दवाओं की छापामारी और जब्ती के निर्देश दिए।
