Chhattisgarh

अब डीईओ के माध्यम से होंगी निजी स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं, लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

अब डीईओ के माध्यम से होंगी निजी स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं, लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

रायपुर।
छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। सत्र 2025-26 से अब निजी (प्राइवेट) स्कूलों की लोकल कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से कराई जाएगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा 1ली, 2री, 3री, 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं निर्धारित नियमों और तय प्रक्रिया के तहत आयोजित की जाएंगी। परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की जिम्मेदारी अब DEO स्तर पर तय व्यवस्था के अनुसार होगी।


परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की पहल

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य निजी स्कूलों में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, एकरूप और अनुशासित बनाना है, ताकि सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन समान मापदंडों पर हो सके। निर्देशों में साफ किया गया है कि सभी निजी विद्यालयों को विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में निजी स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।


किन स्कूलों के छात्र होंगे शामिल

निर्देशों के मुताबिक कक्षा 1ली, 2री, 3री, 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की परीक्षा में

  • समस्त शासकीय विद्यालय,
  • अनुदान प्राप्त विद्यालय,
  • तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध अशासकीय गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालय (हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम) के विद्यार्थी अनिवार्य रूप से शामिल होंगे।

वहीं CBSE, ICSE और भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध अशासकीय गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालय इस व्यवस्था से बाहर रखे गए हैं।


5 फरवरी तक समितियों का गठन अनिवार्य

लोक शिक्षण संचालनालय ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में

  • जिला स्तरीय संचालन समिति,
  • प्रश्न पत्र निर्माण समिति,
  • एवं मॉडरेशन समिति

का गठन 5 फरवरी 2026 तक कर लिया जाए। वार्षिक परीक्षा के सफल संचालन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।


पाठ्यक्रम और परीक्षा की समय-सीमा तय

निर्देशों के अनुसार

  • 28 फरवरी 2026 तक सभी कक्षाओं का पाठ्यक्रम पूर्ण कर रिवीजन कराया जाएगा।
  • परीक्षा की तैयारी के लिए सेम्पल प्रश्न पत्र तैयार कर विद्यार्थियों को अभ्यास कराया जाएगा।
  • प्रायोजना कार्य (Project Work) की वार्षिक परीक्षा 5 मार्च 2026 तक पूर्ण कर ली जाएगी।

साथ ही कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के ब्लूप्रिंट के अनुसार प्रश्न पत्रों का निर्माण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


प्रशासनिक नियंत्रण होगा मजबूत

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से निजी स्कूलों की परीक्षा प्रणाली पर प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा और विद्यार्थियों को निष्पक्ष एवं समान मूल्यांकन का लाभ मिलेगा।


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Editor Jamhoora

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