रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की अवैध खेती से लेकर विदेश नीति और नक्सलवाद तक कई अहम मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में किसी भी हाल में अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को भी नहीं छोड़ा जाएगा।
अफीम की खेती पर जीरो टॉलरेंस
सीएम साय ने बताया कि दुर्ग में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद सभी जिलों के कलेक्टरों को तत्काल सख्त निर्देश जारी किए गए थे। कई स्थानों पर पुलिस ने खेतों को चिन्हांकित कर कार्रवाई भी की है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“चाहे कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो, कार्रवाई अवश्य होगी। सरकार इस पर कोई समझौता नहीं करेगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले पर कलेक्टरों की बैठक लेकर उनसे विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
विदेश नीति पर विपक्ष को करारा जवाब
विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति बेहद प्रभावी हुई है।
उन्होंने कहा—
“भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुले हैं। गैस और तेल की आपूर्ति भी पहले से अधिक सुगम हुई है।”
सीएम साय ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
नक्सलियों के बढ़ते आत्मसमर्पण को बताया सकारात्मक संकेत
मुख्यमंत्री ने नक्सलियों के सरेंडर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“निर्धारित समयसीमा के भीतर लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। पापाराव जैसे बड़े नक्सली नेताओं का सरेंडर होना बस्तर और पूरे देश के लिए सकारात्मक संकेत है।”
सीएम साय ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और आने वाले समय में इसका और बड़ा असर देखने को मिलेगा।
