रायपुर।
राजधानी की NIT रोड स्थित चौपाटी को आमानाका ओवरब्रिज के नीचे स्थानांतरित करने की नगर निगम की तैयारी पर अचानक ब्रेक लग गया है। रेलवे ने दावा किया है कि प्रस्तावित शिफ्टिंग वाली जमीन उसकी है, और वहां दुकानें चला रहे गुमटी व ठेला संचालकों को 7 दिनों में जगह खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है।
इस कदम से न केवल अस्थायी दुकानदारों की चिंता बढ़ी है, बल्कि वर्षों से ब्रिज के नीचे काम कर रहे 32 मैकेनिक दुकानदारों के सामने भी विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है।
नोटिस के बाद प्रक्रिया रोकी गई : महापौर
दुकानदारों में बढ़ती बेचैनी के बीच रायपुर महापौर मीनल चौबे ने साफ किया कि रेलवे द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद चौपाटी शिफ्टिंग फिलहाल रोक दी गई है। नगर निगम अब रेलवे प्रशासन से बातचीत कर रास्ता निकालने की कोशिश करेगा।
दुकानदारों का कहना है कि चौपाटी को हटाने और नई जगह ले जाने की प्रक्रिया पहले से ही देरी में चल रही थी, और अब रेलवे की कार्रवाई ने उनके भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।
नालंदा–2 परियोजना से जुड़ा है मामला
करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस चौपाटी पर निर्माण के वक्त से ही विवाद रहा। पूर्व विधायक राजेश मूणत ने परियोजना का विरोध किया था।
भाजपा सरकार आने के बाद नगर निगम ने यहां से चौपाटी हटाकर नालंदा–2 पुस्तकालय और अध्ययन केंद्र बनाने की योजना बनाई थी।
नवंबर 2025 में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम ने 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग शुरू करने की तारीख तय भी कर दी थी।
लेकिन इससे पहले ही रेलवे ने ब्रिज के नीचे बैठे 32 दुकानदारों को नोटिस थमा दिया और जमीन पर अपना मालिकाना हक जताते हुए कहा कि यहां पहले से पार्किंग विकसित करने की योजना है। इससे चौपाटी शिफ्टिंग और नालंदा–2 दोनों की प्रक्रिया अधर में लटक गई है।
रेलवे ने कहा—जमीन हमारी, निगम ने सूचना नहीं दी
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि शिफ्टिंग के लिए जिस क्षेत्र का चयन किया गया था, वह रेलवे की संपत्ति है और नगर निगम ने इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
रेलवे का कहना है कि
- यहां अस्थायी कब्जे को हटाना होगा
- निगम की ओर से कोई औपचारिक अनुमति या पत्राचार नहीं किया गया
- इस जमीन पर रेलवे पहले ही पार्किंग विकसित करने की तैयारी कर चुका है
इसी कारण दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है।
“रेलवे से बात कर समाधान निकालेंगे” — महापौर
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रेलवे द्वारा नोटिस चस्पा करने की जानकारी मिलते ही शिफ्टिंग प्रक्रिया रोक दी गई है।
उन्होंने कहा, “रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा, उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।”
