जांजगीर-चांपा। हसदेव नदी में डूबे तीन मासूमों की तलाश आखिरकार दुखद अंत पर जाकर खत्म हुई। सोमवार सुबह से लापता तीनों बच्चों के शव लगभग 24 घंटे बाद नदी से बरामद किए गए। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
स्कूल की छुट्टी पर निकले थे बाहर, शाम तक नहीं लौटे
सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने पर तीनों बच्चे—
- रूद्र कुमार (कक्षा 5वीं)
- युवराज (कक्षा 8वीं)
- नेल्सन (कक्षा 9वीं)
सुबह करीब 10 बजे साइकिल से हनुमान धारा क्षेत्र की ओर घूमने निकले थे। सभी मनका पब्लिक स्कूल के छात्र थे और एक ही मोहल्ले में रहते थे। इनमें से एक बच्चे का पिता सक्ती जिले में ASI के पद पर कार्यरत है।
शाम तक बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। एक बच्चे के पास मोबाइल था, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रहा था। लोकेशन ट्रेस करने पर अंतिम लोकेशन हनुमान धारा के पास मिली।
नदी किनारे मिलीं साइकिलें, कपड़े और चप्पल
स्थानीय ग्रामीणों ने नदी तट पर तीनों साइकिलें, बच्चों के कपड़े और चप्पलें देखीं, लेकिन बच्चे नहीं मिले। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। चाम्पा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कपड़े-साइकिल जब्त किए और सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पुलिस, नगर सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने रातभर नदी में सर्च किया।
- नदी में जाल डाला गया
- कई बार डाइविंग की गई
- बहाव कम कराने के लिए पानी रोका गया
इसके बावजूद देर रात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार सुबह फिर से अभियान शुरू हुआ और कुछ घंटे बाद तीनों बच्चों के शव गहराई से बरामद कर लिए गए।
परिजनों को मिलेगा 4-4 लाख का मुआवजा
चाम्पा SDM ने बताया कि यह घटना आकस्मिक मृत्यु की श्रेणी में आती है। शासन की ओर से तीनों परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
शवों को पोस्टमार्टम हेतु BDM अस्पताल भेज दिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
