रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। वन परिक्षेत्र रायगढ़ के बंगुरसिया सर्किल में एक हाथी के शावक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा बड़झरिया तालाब में उस वक्त हुआ, जब हाथियों का एक बड़ा दल देर रात पानी में उतरा था।
नहाने के दौरान गहरे पानी में फंसा शावक
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हाथियों का दल रात के समय तालाब में नहाने पहुंचा था। इसी दौरान शावक गहरे पानी में चला गया और बाहर नहीं निकल सका। पानी में फंसने के बाद उसकी डूबने से मौत हो गई। घटना के वक्त दल में करीब 30 से 32 हाथी मौजूद थे, जिससे वन अमले को मौके तक पहुंचने में भी परेशानी हुई।
रातभर गूंजती रही चिंघाड़, सुबह मिली मौत की पुष्टि
रात करीब 10 से 11 बजे के बीच इलाके में हाथियों की तेज चिंघाड़ सुनाई दी, जिसके बाद वन विभाग को अनहोनी की आशंका हुई। हालांकि हाथियों की संख्या अधिक होने के कारण कर्मचारी तुरंत तालाब के पास नहीं जा सके। सुबह जब हालात सामान्य हुए, तब शावक का शव तालाब में मिला।
विधिवत अंतिम संस्कार, पीएम रिपोर्ट से खुलेगा राज
घटना के बाद शावक के शव को इंद्रा विहार लाया गया, जहां वन विभाग द्वारा विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर एसडीओ, रेंजर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एसडीओ फॉरेस्ट मनमोहन मिश्रा ने बताया कि फिलहाल डूबने से मौत की आशंका है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
तीन महीने में 5वीं मौत, बढ़ी वन्यजीव सुरक्षा की चिंता
गौर करने वाली बात यह है कि बीते तीन महीनों में रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की मौत की यह पांचवीं घटना है। लगातार हो रही घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन्यजीव सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
