रायगढ़। रायगढ़ जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई है। इस बार मामला लैलूंगा क्षेत्र के घटगांव गांव का है, जहां सब्जियों की बाड़ी के बीच छिपाकर अफीम उगाई जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में पिछले 17 दिनों के भीतर यह पांचवां मामला सामने आया है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
सब्जियों की आड़ में अफीम की खेती
लैलूंगा थाना क्षेत्र के घटगांव गांव में आरोपी सब्जियों की खेती के बीच अफीम उगा रहे थे, ताकि किसी को शक न हो। इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट इलाके में भी इसी तरह का मामला सामने आया था।
जानकारी के मुताबिक झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा पिछले कई वर्षों से यहां खेती कर रहा था। उसने तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर जमीन ली थी, लेकिन उसी के साथ अफीम की फसल भी उगाई जा रही थी।
लगातार सामने आ रहे मामले
छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में अफीम की खेती के कई बड़े मामले सामने आए हैं:
- 7 मार्च: दुर्ग के समोदा में भाजपा नेता के खेत से करोड़ों की अफीम जब्त
- 10 मार्च: बलरामपुर के कुसमी में 3.67 एकड़ में खेती, 7 आरोपी गिरफ्तार
- 12 मार्च: बलरामपुर के कोरंधा क्षेत्र में ढाई एकड़ में फसल
- 20 मार्च: रायगढ़ के तमनार ब्लॉक के आमाघाट में अवैध खेती
- अब: लैलूंगा (घटगांव) में नया मामला
पुलिस की सख्ती, नेटवर्क की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन मामलों के पीछे बड़े नेटवर्क की आशंका है। सभी कड़ियों की जांच की जा रही है और जिन लोगों पर संरक्षण देने का शक है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार मिल रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में अफीम की अवैध खेती एक संगठित गतिविधि का रूप ले रही है, जिस पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को और सख्ती करनी पड़ेगी।
