रायपुर।
रायपुर सेंट्रल जेल में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद सुनील महानंद की रविवार शाम जेल की बैरक नंबर-5 में फांसी पर लटकी हुई हालत में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और समाज के लोग जेल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील को जेल में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे मानसिक रूप से टूटकर उसने यह कदम उठाया। परिजनों का दावा है कि घटना की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई और बिना सूचित किए शव को मर्चुरी भेज दिया गया।
फर्जी मामले में फंसाने का दावा
परिजनों और छत्तीसगढ़ उत्कल गाड़ा समाज के लोगों का आरोप है कि सुनील महानंद को फर्जी मामले में फंसाया गया था। जेल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और कथित प्रताड़ना के चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। मृतक की पत्नी ने बताया कि दो दिन पहले मुलाकात के दौरान सुनील ने जेल में हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी दी थी और वह बेहद परेशान नजर आ रहा था।
स्वतंत्र जांच की मांग
परिजनों का कहना है कि सुनील महानंद द्वारा आत्महत्या किया जाना संदिग्ध है और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, मृतक के परिवार को न्याय और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल मामला गंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जेल प्रशासन की ओर से घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है, जबकि परिजन इसे संदिग्ध मान रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
