रायपुर। बस्तर से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना कुख्यात नक्सली कमांडर पापा राव आज आत्मसमर्पण कर सकता है। सूत्रों की मानें तो वह अगले कुछ घंटों में बीजापुर पहुंच सकता है, जहां वह अपने 17 साथियों और ए.के.-47 सहित भारी आधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर करेगा।
इसके बाद उसे सुरक्षा बलों द्वारा जगदलपुर ले जाया जाएगा, जहां वह बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के सामने औपचारिक आत्मसमर्पण करेगा।
गुप्त ठिकाने के लिए निकली पुलिस टीम
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पापा राव को लेने के लिए पुलिस बल की एक विशेष टीम पहले ही इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में मौजूद एक गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो चुकी है। कई महीनों की लगातार बातचीत और काउंसलिंग के बाद उसके सरेंडर की स्थिति बनी है।
लाल आतंक का बड़ा चेहरा—25 लाख का इनामी
पापा राव पर लगभग 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
वह पश्चिम बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य विशेष जोनल समिति का सक्रिय सदस्य रहा है।
बस्तर में नक्सली गतिविधियों की कमान लंबे समय तक उसी के हाथों में रहने की बात सुरक्षा एजेंसियां बताती रही हैं।
इन बड़ी घटनाओं में रहा नाम
- कुटरू–बेदरे सड़क पर हुआ भीषण आईईडी विस्फोट
➤ जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे - कई एंबुश की योजना
- सुरक्षा बलों पर हमलों की रणनीति तैयार करने में प्रमुख भूमिका
पापा राव पी.एल.जी.ए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मा) का प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है।
उसकी पत्नी उर्मिला भी पी.एल.जी.ए बटालियन में सक्रिय थी, जो एक मुठभेड़ में मारी गई थी।
नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही
यदि पापा राव का सरेंडर आज होता है, तो यह बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।
कई शीर्ष नक्सली पहले ही मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं, ऐसे में पापा राव को आखिरी सबसे ताकतवर सक्रिय कमांडरों में गिना जाता था।
