रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार खेल के जरिए बस्तर को नई पहचान देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 11 से 13 दिसंबर तक “बस्तर ओलंपिक 2025” का संभाग स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि विश्वविख्यात बॉक्सर मैरी कॉम और भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया खिलाड़ियों के लिए खास आकर्षण रहेंगे।
राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित खिलाड़ी पारंपरिक खेलों के साथ-साथ आधुनिक खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति, युवा ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक भी माना जा रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र से राष्ट्रीय मंच तक
बस्तर ओलंपिक की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें खेल के जरिए बेहतर भविष्य देना रहा है। यही वजह है कि पिछले संस्करण की चर्चा देशभर में हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की खुले मंच से सराहना की थी।
मैरी कॉम और बाइचुंग भूटिया बनेंगे युवाओं की प्रेरणा
11 दिसंबर को उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी 6 बार की विश्व बॉक्सिंग चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम। पद्म भूषण, पद्म श्री और खेल रत्न से सम्मानित मैरी कॉम खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएंगी।
वहीं 13 दिसंबर को भारतीय फुटबॉल के दिग्गज और पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया की मौजूदगी युवाओं के लिए खास प्रेरणा बनेगी। भूटिया को पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
विजेताओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग और अकादमी में मौका
खेल विभाग के अनुसार जिला स्तर पर विजेता जूनियर खिलाड़ियों को ₹2400 और सीनियर खिलाड़ियों को ₹3000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही बस्तर ओलंपिक के जूनियर वर्ग के विजेता खिलाड़ियों को शासकीय खेल अकादमी में सीधा प्रवेश मिलेगा, जहां उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा।
खेल के जरिए बदलेगा बस्तर का भविष्य
बस्तर ओलंपिक अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि शांति, विकास और आत्मविश्वास का मंच बन चुका है। प्रशासन को उम्मीद है कि यह पहल बस्तर के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ क्षेत्र की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।
