रायपुर, 10 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अब डिजिटल हेल्थ सेवाओं में पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है। यहां पिछले तीन महीनों में ही आधे से ज्यादा मरीजों ने ओपीडी पंजीयन आभा लिंक के जरिये कराया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं तेज, पारदर्शी और आसान हो गई हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर लागू नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। अब ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर की सलाह, जांच, दवा वितरण और मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड—सब एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
बस्तर के छह जिला अस्पतालों, दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस प्रणाली के आने से मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिली है। आभा कियोस्क और स्कैन-एंड-शेयर सुविधा से सिर्फ कुछ सेकंड में पंजीकरण हो रहा है।
मई से जुलाई 2025 के बीच जिला चिकित्सालय बस्तर में कुल 60,045 ओपीडी रजिस्ट्रेशन हुए, जिनमें 53% आभा लिंक से थे। दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भी इस अवधि में 40% पंजीयन डिजिटल तरीके से हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा और गति दे रही है और जल्द ही इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, यह मॉडल न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है, जो “स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम है।
बस्तर का यह डिजिटल हेल्थ अपग्रेड साबित करता है कि तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी जब साथ आते हैं, तो बदलाव की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है।
