गुंडरदेही में धर्म परिवर्तन के आरोप पर बजरंग दल–VHP का प्रदर्शन, पुलिस से बहस
बालोद (छत्तीसगढ़)। जिले के गुंडरदेही नगर में ईसाई मिशनरियों की प्रार्थना सभा में रविवार को हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन इस दौरान पुलिस व हिंदू नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

घटना कैसे हुई
- मामला गुंडरदेही–धमतरी मुख्य मार्ग पर चैनगंज स्थित पंचराम के घर के तलघर का है।
- यहां सुबह से पुरुष, महिलाएं और बच्चे सामूहिक प्रार्थना कर रहे थे।
- सूचना मिलने पर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठन वहां पहुंचे और सभा का विरोध करने लगे।
- हंगामे के बीच एक हिंदू नेता ने सभा से किसी के भागने पर “कूटने” की विवादित टिप्पणी की।
पुलिस की कार्रवाई
- पुलिस ने कथित पास्टर और आयोजक समेत 22 लोगों को थाने ले जाकर पूछताछ की।
- प्रार्थना सभा में शामिल आठ लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
- बाद में इन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आठों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
VHP का आरोप: धर्म परिवर्तन का रैकेट
विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष बलराम गुप्ता ने दावा किया कि –
- सभा में शामिल सभी 40–50 लोग मूल रूप से हिंदू थे।
- प्रार्थना सभाओं और व्यक्तिगत घरों में धर्मांतरण का रैकेट चलाया जा रहा है।
- बीमार और गरीबों को चमत्कार दिखाकर बरगलाने की कोशिश की जा रही है।
- तलघर में पादरी के लिए विशेष आसन, बाजा-गाजा और अन्य इंतजाम देखकर साफ लगता है कि यह सुनियोजित काम है।
गुप्ता ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो बड़ा आंदोलन होगा।
“चर्च की जगह हिंदुओं के घरों को चर्च बना रहे”
बलराम गुप्ता ने आरोप लगाया कि –
- ईसाई अब चर्च न जाकर हिंदुओं के घरों को ही चर्च बना रहे हैं।
- माहुद बी गांव में एक निजी घर के बाहर “बेटन हैन चर्च” लिखा गया था, जिसे विरोध के बाद हटाना पड़ा।
- शनिवार रात डुमरघुचा गांव (देवरी थाना क्षेत्र) में भी धर्मांतरण की कोशिश हुई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध पर लोग भाग निकले।
बजरंग दल का आरोप
बजरंग दल जिला सह संयोजक स्वप्निल शर्मा और प्रखंड संयोजक पंकज साहू ने कहा –
- सभा में मौजूद सभी लोग मूल रूप से हिंदू हैं लेकिन खुद को ईसाई बता रहे थे।
- यह न केवल संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश है, बल्कि विदेशी ताकतों को भी बढ़ावा देने जैसा है।
