रायपुर। चोरी के जेवरात को बिना किसी वैध दस्तावेज के गिरवी रखकर लोन पास करने के मामले में राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने बजाज फाइनेंस की एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर आरोप है कि उसने चोरी के सोने-चांदी के गहनों को नियमों की अनदेखी करते हुए फायनेंस कर दिया।
पुलिस के अनुसार, पंडरी झंडा चौक निवासी सनोहर जहां बजाज फाइनेंस कंपनी में फायनेंसर के रूप में कार्यरत थी। जांच में सामने आया कि दो माह पहले एक सूने मकान में हुई चोरी के बाद चोरों ने चोरी किए गए गहनों को तेलीबांधा स्थित बजाज फाइनेंस कार्यालय में गिरवी रखा था। इस दौरान किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेजों की जांच नहीं की गई।
सूने मकान में हुई थी चोरी
पुरैना, परशुराम नगर निवासी सुशीला जाल ने 25 अक्टूबर को थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर को तबीयत खराब होने के कारण वह ओडिशा स्थित अपने गांव गई थीं। लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और नकदी सहित सोने-चांदी के जेवर गायब थे।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आशीष नेताम और उसके एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चोरी के जेवर बजाज फाइनेंस में गिरवी रखकर रकम हासिल की थी।
गिरवी स्लिप से खुला मामला
पुलिस को चोरों के पास से गिरवी रखने की स्लिप मिली, जिसके आधार पर फायनेंस कंपनी की महिला कर्मचारी की भूमिका सामने आई। जांच के बाद सनोहर जहां को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस कर रही आगे की जांच
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में और कोई कर्मचारी या गिरोह शामिल था या नहीं। साथ ही फायनेंस कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया और लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
