Pushya Nakshatra 2025: सोना-चांदी, वाहन, संपत्ति और निवेश के लिए बन रहा है शुभ समय — 14 और 15 अक्टूबर को रहेगा विशेष योग
रायपुर। दिवाली और धनतेरस से पहले इस साल पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह नक्षत्र खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस बार 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 54 मिनट से लेकर 15 अक्टूबर को दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। यह संयोग लगभग 24 घंटे 6 मिनट का होगा, जिसमें सिद्ध और साध्य योग भी बन रहा है।
💰 धनतेरस से पहले खरीदारी का स्वर्णिम अवसर
इस वर्ष धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी। परंपरागत रूप से लोग इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स या संपत्ति की खरीदी करते हैं।
पुष्य नक्षत्र योग इसके पहले बन जाने से यह समय दुगना शुभ हो गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस अवधि में की गई खरीदी दीर्घकालिक लाभ और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
📿 पुष्य नक्षत्र का महत्व
पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों में से आठवां और सबसे शुभ नक्षत्र माना गया है।
इसका स्वामी बृहस्पति ग्रह है और यह कर्क राशि में स्थित रहता है।
शास्त्रों में इसे “नक्षत्रराज” यानी नक्षत्रों का राजा कहा गया है।
कहा जाता है कि इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य — जैसे व्यापार की शुरुआत, गृह प्रवेश, या नई गाड़ी की खरीदी — फलदायी और स्थायी होती है।
⏰ खरीदारी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
🗓️ 14 अक्टूबर 2025
- लाभ चौघड़िया: सुबह 11:54 से 12:10 बजे तक
- अमृत चौघड़िया: दोपहर 12:11 से 1:36 बजे तक
- लाभ चौघड़िया: शाम 7:29 से 9:03 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:54 से 12:34 बजे तक
🗓️ 15 अक्टूबर 2025
- लाभ चौघड़िया: सुबह 6:24 से 7:50 बजे तक
- अमृत चौघड़िया: सुबह 7:51 से 9:17 बजे तक
- शुभ चौघड़िया: सुबह 10:43 से दोपहर 12:00 बजे तक
🌠 रियल एस्टेट और निवेश के लिए उत्तम समय
इस पुष्य नक्षत्र में भूमि, भवन, वाहन या ज्वेलरी में निवेश विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किया गया निवेश न केवल आर्थिक प्रगति लाता है, बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता भी देता है।
धनतेरस और दीपावली से पहले का यह पुष्य नक्षत्र योग भक्तों और निवेशकों दोनों के लिए समृद्धि का संकेत माना जा रहा है।
