रायपुर।
राजधानी रायपुर में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम ने संगठित एक्टिवा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 36 चोरी की एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 19.80 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से एक्टिवा चोरी कर उन्हें गांवों और परिचितों के बीच खपाता था। रवि भवन पार्किंग से मिले अहम सुराग के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

🔍 मास्टर चाबी से देता था वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया है कि बोरियाकला मुजगहन निवासी रोशन रात्रे गिरोह का मुख्य सरगना है। वह मास्टर चाबी की मदद से भीड़भाड़ वाले इलाकों, पार्किंग और सरकारी परिसरों से एक्टिवा चोरी करता था। चोरी के बाद वाहन अपने परिचितों के जरिए बेचने, बांटने और खुद इस्तेमाल करने के लिए भेज दिए जाते थे।
🕵️♂️ एक हफ्ते तक चला ऑपरेशन
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने
✔️ सीसीटीवी फुटेज
✔️ तकनीकी इनपुट
✔️ मुखबिर तंत्र
✔️ लगातार पेट्रोलिंग
के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। रवि भवन क्षेत्र में करीब एक सप्ताह तक कैंप करने के बाद मुख्य आरोपी को दबोचा गया। पूछताछ में नेटवर्क की पूरी परतें खुलती चली गईं।
📊 चौंकाने वाला आंकड़ा
पुलिस ने बताया कि बरामद 36 एक्टिवा में से
- 24 मामलों की एफआईआर पहले से सिविल लाइन, डीडी नगर और गोलबाजार थानों में दर्ज है।
- वर्ष 2026 के सिर्फ 15 दिनों में 44 दोपहिया वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जो वाहन चोरों पर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
👮♂️ पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई दोपहिया चोरी के संगठित गिरोहों के लिए स्पष्ट चेतावनी है। आने वाले दिनों में चोरी के वाहन खरीदने-बेचने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
