रायपुर।
कभी देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल रहा अबूझमाड़ अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा है। लंबे समय तक माओवादी हिंसा और भय के साये में रहे इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास अब ठोस रूप लेते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 शांति और सौहार्द का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई है।
🏃♂️ नारायणपुर से बासिंग तक 21 KM की हाफ मैराथन
नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित 21 किलोमीटर की यह हाफ मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ में बदलते हालात और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। इसका उद्देश्य न सिर्फ फिटनेस को बढ़ावा देना है, बल्कि उन इलाकों तक शांति और एकता का संदेश पहुंचाना भी है, जो वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे।
👥 स्थानीय जनजातियों की भागीदारी ने बढ़ाया आयोजन का महत्व
इस आयोजन में अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी इसे और खास बना रही है। स्थानीय लोगों की सहभागिता यह दर्शाती है कि क्षेत्र में अब भरोसे और सहयोग का माहौल बन रहा है।
🚩 सीएम विष्णुदेव साय करेंगे मैराथन का शुभारंभ
31 जनवरी की सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जुंबा गतिविधि से होगी, जिसके बाद सुबह 6:30 बजे मुख्यमंत्री मैराथन को फ्लैग-ऑफ करेंगे। इसके पश्चात वे रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर आश्रम के बच्चों के साथ नाश्ता भी करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से आयोजन को विशेष संदेश और ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
🌍 राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला व्यापक समर्थन
अबूझमाड़ पीस मैराथन 2026 को देश-विदेश से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।
- 6500 से अधिक धावकों ने पंजीयन कराया
- 100+ अंतरराष्ट्रीय धावक
- अन्य राज्यों से 500 से अधिक प्रतिभागी
- छत्तीसगढ़ से करीब 6000 धावक
- अकेले नारायणपुर जिले से 4000 से ज्यादा धावक
- इसके अलावा क्वाड रन में 12 धावक भी शामिल होंगे
🌱 शांति, पर्यटन और विकास का नया अध्याय
यह मैराथन युवाओं को खेल और स्वास्थ्य से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति व विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन रही है।
