रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम की सामान्य सभा बैठक में शहर के विकास से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें पचपेड़ी नाका से सिद्धार्थ चौक होते हुए बिजली ऑफिस चौक तक गौरवपथ-2 का निर्माण प्रमुख है। यह सड़क शंकर नगर से कलेक्टोरेट चौक तक बने गौरवपथ की तर्ज पर विकसित की जाएगी, जिससे दक्षिण रायपुर क्षेत्र को नई कनेक्टिविटी मिलेगी।
शहर को मिलेगी नई पहचान
नगर निगम की योजना के अनुसार गौरवपथ-2 के निर्माण से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण में भी निखार आएगा। इसके साथ ही तेलीबांधा चौक के पास एक आधुनिक टेक्निकल टॉवर बनाने की स्वीकृति दी गई है। यह भवन युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए को-वर्किंग स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां वे एक ही छत के नीचे आधुनिक सुविधाओं के साथ कार्य कर सकेंगे।
महादेवघाट बनेगा धार्मिक-पर्यटक कॉरिडोर
सभा में महादेवघाट को धार्मिक व पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। निगम के अनुसार, यह क्षेत्र न केवल धार्मिक महत्व का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन परियोजनाओं पर अगले महीने से काम शुरू करने की तैयारी है और निगम ने इन्हें अगले 18–24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
बैठक में हुई नोकझोंक
बैठक के दौरान कुछ देर के लिए माहौल गरमाता भी दिखा। पूर्व नेता प्रतिपक्ष संदीप साहू 20 मिनट देरी से पहुंचे और अपनी बात रखने का मौका मांगा। सभापति सूर्यकांत राठौर ने प्रक्रिया आगे बढ़ जाने का हवाला देते हुए उनकी मांग अस्वीकार कर दी। इस पर थोड़ी बहस हुई, लेकिन बाद में कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रही।
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए हैं और आने वाले महीनों में शहरवासियों को इन परियोजनाओं का लाभ दिखाई देगा।
वहीं नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि विपक्ष ने विकास से जुड़े हर अच्छे प्रस्ताव का समर्थन किया है, जबकि अव्यवहारिक प्रस्तावों का विरोध किया गया।
सभा में सभापति सूर्यकांत राठौर, महापौर मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी समेत सभी एमआईसी सदस्य और पार्षद उपस्थित रहे।
