रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है। कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र के बाद अब प्लांट पैथोलॉजी का पेपर भी लीक होने की पुष्टि हुई है। मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस ने दूसरी FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्लांट पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाने के लिए 10 हजार रुपये में बेचा गया था। इस मामले में एक प्रोफेसर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया है।
10 हजार रुपये में बेचा गया था प्रश्नपत्र
जानकारी के अनुसार, बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित की गई थी। पेपर लीक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि प्रोफेसर ने प्लांट पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र छात्रों मोहम्मद सोमान और अजय नायक को दिया था। इसके बदले 10 हजार रुपये लेने का आरोप है।
सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा होगी परीक्षा
पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद IGKV प्रबंधन ने प्लांट पैथोलॉजी और कीट विज्ञान दोनों परीक्षाओं को निरस्त कर दिया है। अब दोनों विषयों की परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय के अनुसार, 20 अगस्त को होने वाला बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष का एंटोमोलॉजी पेपर और 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष का प्लांट पैथोलॉजी पेपर सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराया जाएगा।
प्रोफेसर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार
पेपर लीक मामले में पुलिस अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38), अजय नायक (20), त्रिदेव पटेल (22), नितिन पांडेय (22), अनुज मिंज (22) और आदित्य साहू (20) शामिल हैं।
दूसरी FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब पूरे मामले के नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लीक हुए प्रश्नपत्र कितने छात्रों तक पहुंचे और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पेपर लीक नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। मामले में सामने आ रहे नए तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल तेलीबांधा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
