मुंगेली।
अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के प्रतिबंधित क्षेत्र से सटे इलाके में अवैध प्रवेश कर हथियार लहराने के मामले में वन विभाग ने त्वरित और कठोर कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
मामले को गंभीर मानते हुए प्रबंधन ने न सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई शुरू की है। संबंधित बैरियर गार्ड को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया है, वहीं क्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ अपराध
पी-ओ-आर क्रमांक 2473/18 (दिनांक 02 जनवरी 2026) के तहत मामला दर्ज कर भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 27, 29, 38, 39, 50 एवं 51 के उल्लंघन की पुष्टि की गई है।
गिरफ्तार आरोपी
- अजीतदास वैष्णव (26), निवासी वार्ड क्रमांक 02, राजाबाड़ा, लोरमी
- विकान्त वैष्णव (36), ग्राम तुमडीबोड, जिला राजनांदगांव
- अनिकेत मौर्य (27), निवासी वार्ड क्रमांक 13, मुंगेली रोड, लोरमी
जमानत याचिका खारिज, रिमांड बढ़ी
तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुंगेली के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिवस की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। 05 जनवरी 2026 को दायर जमानत याचिका को विभागीय आपत्ति के बाद न्यायालय ने खारिज कर दिया। न्यायिक रिमांड 16 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है।
फॉरेंसिक जांच और फरार आरोपी की तलाश
जांच के दौरान जब्त हथियारों को रायपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है, जहां कैलिबर निर्धारण और बैलिस्टिक परीक्षण किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर हथियारों की लाइसेंस वैधता और आयुध अधिनियम, 1959 सहित अन्य धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा एक और बंदूक की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सर्च वारंट जारी किया गया है। डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।
आईटी एक्ट के तहत भी हो सकती है कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने की पुष्टि के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं के तहत कार्रवाई की संभावनाओं पर कानूनी परामर्श लिया जा रहा है। वहीं जब्त वाहन को राजसात करने की अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
घटना के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व में सभी बैरियरों पर वाहनों की सघन जांच के निर्देश दोबारा जारी किए गए हैं। सुरही और लोरमी बफर परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 14 गांवों में इको-डेवलपमेंट कमेटी के माध्यम से बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि जनभागीदारी और सहयोग को मजबूत किया जा सके।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ग्राम विस्थापन प्रक्रिया तक सुरक्षा व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आम नागरिकों और पर्यटकों से नियमों के पालन में सहयोग की अपील की गई है।
