रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को उनकी रायपुर केंद्रीय जेल से रिहाई होगी। करीब 170 दिनों बाद चैतन्य बघेल जेल से बाहर आएंगे, खास बात यह है कि उनकी रिहाई बेटे विवांश के जन्मदिन के अवसर पर हो रही है।
शुक्रवार को हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जुड़े मामलों में जमानत प्रदान की थी। इसके बाद शनिवार को रायपुर जिला न्यायालय में रिहाई से जुड़ी औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जेल के बाहर जुटने लगे कांग्रेस कार्यकर्ता
चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर के बाद रायपुर केंद्रीय जेल के बाहर कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बावजूद रिहाई की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितने प्रयास कर ले, सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता।
अपने जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था। तब से वे रायपुर केंद्रीय जेल में बंद थे। अब करीब साढ़े पांच महीने बाद उन्हें जमानत के जरिए राहत मिली है, जिसे इस प्रकरण में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
2800 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले का मामला
छत्तीसगढ़ में सामने आए 2800 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले की जांच के तहत चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की गई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि घोटाले से अर्जित करीब 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को रियल एस्टेट और अन्य माध्यमों में निवेश किया गया। एजेंसियों के अनुसार, इस रकम को विभिन्न चैनलों के जरिए खपाया गया।
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कावासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रह चुकी सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एपी त्रिपाठी सहित कई अधिकारी और कारोबारी अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। चैतन्य बघेल को मिली जमानत को पूरे प्रकरण में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
