रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्टेट बजट 2024 और 2025 में घोषित 9 नए साइबर पुलिस थानों को लेकर अधिसूचना नवंबर माह में जारी कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आदेश के अनुसार जनवरी 2026 से इन थानों के संचालन की संभावना जताई जा रही है।
राज्य में वर्तमान में केवल रेंज स्तर के पांच साइबर थाने कार्यरत हैं, जिन पर लगातार बढ़ते मामलों का दबाव है। जिला स्तर पर साइबर थाने खुलने से न केवल पीड़ितों को त्वरित राहत मिलेगी, बल्कि रेंज थानों का भार भी कम होगा।
इन 9 जिलों में खुलेंगे नए साइबर थाने
सरकारी अधिसूचना के अनुसार जिन जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे, उनमें शामिल हैं—
- बलौदाबाजार
- धमतरी
- महासमुंद
- कोरबा
- रायगढ़
- राजनांदगांव
- कबीरधाम
- जांजगीर-चांपा
- जशपुर
इसके साथ ही रायपुर रेंज में कुल चार साइबर थाने हो जाएंगे। फिलहाल रायपुर में एक रेंज स्तरीय साइबर थाना संचालित है।
स्टाफ और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता
हालांकि अधिसूचना जारी हो चुकी है, लेकिन अभी तक इन साइबर थानों के लिए स्थायी पद स्वीकृत नहीं हुए हैं। वर्तमान में IG स्तर पर अन्य जिलों से DSP, निरीक्षक और स्टाफ की तैनाती कर काम चलाया जा रहा है, जिससे तकनीकी और संसाधन संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नए थानों को पर्याप्त स्टाफ और आधुनिक तकनीक के साथ शुरू किया जाना जरूरी है।
2026 बजट में अलग फंड मिलने की उम्मीद
हाल ही में हुई DGP-IGP कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराध को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री भी शामिल थे। इसी बैठक के बाद साइबर थानों की अधिसूचना जारी की गई। माना जा रहा है कि मार्च 2026 के बजट में इन थानों के लिए अलग से फंड भी मंजूर किया जा सकता है।
साइबर अपराध पर कार्रवाई के आंकड़े
विधानसभा में दिए गए आंकड़ों के अनुसार—
- 2782 पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध की ट्रेनिंग दी जा चुकी है
- 39,000 से अधिक सिम और मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए
- 1116 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई
- 82.5 करोड़ रुपये की ठगी को 1030 हेल्पलाइन के जरिए रोका गया।
