गरियाबंद।
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक राहत भरी खबर सामने आई है। वन परिक्षेत्र तौरेंगा अंतर्गत ग्राम कोकोड़ी के जंगल में एक तेंदुआ अवैध शिकारियों द्वारा बिछाए गए तार के फंदे में फंस गया था। गंभीर रूप से घायल तेंदुआ दर्द से दहाड़ रहा था और जान बचाने के लिए आबादी क्षेत्र की ओर भटकने लगा था।
ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद वन विभाग हरकत में आया। सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) गोपाल कश्यप के नेतृत्व में एंटी-पोचिंग टीम और ड्रोन यूनिट मौके पर पहुंची। ड्रोन सर्वे के दौरान तेंदुए के गले में गहरे जख्म साफ नजर आए, जिससे स्पष्ट हुआ कि वह कई दिनों से फंदे में फंसा हुआ था।
अंधेरे से पहले SDO ने उठाया बड़ा जोखिम
जंगल सफारी की टीम के पहुंचने से पहले अंधेरा होने की आशंका को देखते हुए SDO गोपाल कश्यप ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू शुरू किया। रस्सी और जाल की मदद से उन्होंने तेंदुए को नियंत्रित किया। इस दौरान तेंदुए ने उन पर हमला करने का प्रयास भी किया, लेकिन टीम की सूझबूझ से स्थिति काबू में लाई गई।
तेंदुए को गजराज रेस्क्यू वाहन में रखे पिंजरे में सुरक्षित बंद कर आबादी क्षेत्र से दूर तौरेंगा रेस्ट हाउस लाया गया।
डॉक्टरों ने निकाले फंदे, हालत स्थिर
रात करीब 8 बजे वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. जय किशोर जडिया, सहायक रमाकांत और उनकी टीम ने तेंदुए को बेहोश कर उसके गले में फंसे दो तार वाले फंदों को निकाला। प्राथमिक उपचार के साथ ड्रिप चढ़ाई गई, जिससे तेंदुए को काफी राहत मिली।
7 दिन से फंसा था फंदे में
उप निदेशक उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व वरुण जैन ने बताया कि तेंदुआ लगभग 4 वर्ष का नर है और बीते करीब 7 दिनों से फंदे में फंसा हुआ था। दम घुटने और कमजोरी के कारण वह आसान शिकार की तलाश में बस्ती के नजदीक पहुंच गया था।
तेंदुए को सुबह 4 बजे जंगल सफारी रायपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। स्वस्थ होने के बाद उसे पुनः उदंती के जंगल में छोड़ा जाएगा।
शिकारियों की तलाश, इनाम घोषित
वन विभाग ने अवैध शिकार में शामिल आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शिकारियों की सूचना देने वालों को 5,000 से 10,000 रुपये तक का गोपनीय इनाम देने की घोषणा की गई है। जानकारी DFO वरुण जैन के मोबाइल नंबर 7568127875 पर दी जा सकती है।
