रायपुर। राजधानी रायपुर में मंगलवार तड़के पुलिस ने सुरक्षा और सत्यापन को लेकर बड़ा अभियान चलाया। ऑपरेशन समाधान के तहत मोवा, खमतराई, सिविल लाइन सहित कई इलाकों में दूसरे राज्यों से आकर रह रहे करीब 1000 लोगों से पूछताछ की गई। इस दौरान दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
यह कार्रवाई एसएसपी लाल उमेद सिंह के निर्देश पर सुबह करीब 4 बजे शुरू हुई, जो कई घंटों तक चली। पुलिस टीमों ने संदिग्ध गतिविधियों और अवैध रूप से निवास करने वालों की पहचान के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया।

दस्तावेज अधूरे, मोबाइल नंबरों की हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ की आशंका को ध्यान में रखते हुए चलाया गया। हिरासत में लिए गए अधिकांश लोग ऑटो चलाने, निर्माण कार्य और मजदूरी जैसे कामों से जुड़े बताए जा रहे हैं। कई लोगों के पास पहचान से जुड़े दस्तावेज अधूरे पाए गए, जिसके चलते उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया।
पुलिस सभी संदिग्धों के मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल्स की तकनीकी जांच भी कर रही है, ताकि उनके संपर्क और गतिविधियों का सत्यापन किया जा सके।
हिरासत में लिए गए लोगों के परिजनों ने जताई नाराजगी
थाने पहुंचे कुछ लोगों और परिजनों का कहना है कि पुलिस सुबह अचानक उनके घर पहुंची और पूछताछ के लिए ले गई। उनका आरोप है कि मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और जानकारी स्पष्ट नहीं दी जा रही। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर किया जा रहा है और इसका उद्देश्य शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
