संसद परिसर में दिखी सौहार्द की झलक
संसद के शीतकालीन सत्र के समापन के बाद राजनीति की गर्माहट के बीच एक सॉफ्ट और सकारात्मक तस्वीर सामने आई। संसद परिसर में आयोजित ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की मौजूदगी ने इस मुलाकात को खास बना दिया।
चाय पर चर्चा में हुए संसद के अनुभव साझा
इस अनौपचारिक बैठक के दौरान संसद सत्र के कामकाज, विधायी अनुभवों और संसदीय मर्यादाओं को लेकर संवाद हुआ। तस्वीरों और वीडियो में नेता मुस्कुराते, बातचीत करते और हल्के-फुल्के माहौल में नजर आए, जो हालिया तीखे राजनीतिक टकराव के बीच अलग ही संदेश देता दिखा।
कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए
चाय चर्चा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, ललन सिंह, किरण रिजिजू, अर्जुनराम मेघवाल के साथ एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और धर्मेंद्र यादव, डीएमके सांसद ए राजा सहित विभिन्न दलों के फ्लोर लीडर शामिल हुए।
संसदीय परंपरा और संवाद का प्रतीक
दरअसल, संसद सत्र के समापन पर प्रधानमंत्री द्वारा चाय पार्टी आयोजित करने की परंपरा रही है। इसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों को भी आमंत्रित किया जाता है। इसे संसदीय लोकतंत्र में संवाद, सहमति और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है।
पिछले सत्र से बदला नजरिया
गौरतलब है कि पिछले मॉनसून सत्र के बाद आयोजित चाय पार्टी में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने हिस्सा नहीं लिया था। लेकिन इस बार शीतकालीन सत्र के बाद सत्ता और विपक्ष के नेताओं का एक मंच पर आना राजनीतिक गलियारों में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
