नई दिल्ली।
कांग्रेस की हालिया रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए एक विवादित नारे ने संसद के शीतकालीन सत्र को पूरी तरह गर्मा दिया। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए सीधे तौर पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी से माफी की मांग कर दी।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसद में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की रैली में “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारे लगना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह पार्टी की मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा न केवल प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं पर भी चोट है।
रिजिजू बोले— 140 करोड़ भारतीयों का अपमान
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है। उन्होंने इसे शर्मनाक करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति हो सकती है, लेकिन इस स्तर की भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
कांग्रेस का पलटवार— मंच से नहीं लगे नारे
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि रैली के मंच से ऐसा कोई नारा नहीं लगाया गया और पार्टी को इस बात की जानकारी नहीं है कि यह नारा किसने लगाया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि भाजपा बिना पूरे तथ्यों के मुद्दे को तूल दे रही है।
रामलीला मैदान की रैली से जुड़ा है विवाद
पूरा विवाद दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ रैली से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ कांग्रेस समर्थकों और नेताओं द्वारा विवादित नारे लगाए जाने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि जयपुर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष मंजू लता मीणा भी नारेबाजी में शामिल थीं। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व इस नारे से खुद को अलग बता रहा है।
सियासी टकराव और तेज होने के आसार
इस मुद्दे ने साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनावों से पहले सियासी बयानबाजी और टकराव और तेज होगा। भाजपा जहां इसे कांग्रेस की “असली सोच” बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे जानबूझकर मुद्दा बनाने की राजनीति करार दे रही है।
