नई दिल्ली/पटना।
भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे इस पद पर जेपी नड्डा की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब पार्टी 2026–27 के चुनावी चक्र की तैयारियों में जुटी हुई है।
युवा नेतृत्व पर बीजेपी का भरोसा
45 वर्षीय नितिन नबीन इस जिम्मेदारी को संभालने वाले बीजेपी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल हो गए हैं। इससे पहले अमित शाह जब इस पद पर पहुंचे थे, तब उनकी उम्र 50 वर्ष थी। नितिन नबीन की नियुक्ति को पार्टी के भीतर युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार और संगठन—दोनों का अनुभव
नितिन नबीन फिलहाल बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं और बांकीपुर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं। वे वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं और लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें सरकार चलाने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का भी व्यापक अनुभव है, जो इस पद के लिए अहम माना गया।
छत्तीसगढ़ चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका
बीजेपी ने 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में नितिन नबीन को चुनाव प्रभारी बनाया था। उस चुनाव में पार्टी ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी। संगठन के भीतर यह सफलता नितिन नबीन की रणनीतिक क्षमता और जमीनी पकड़ का संकेत मानी जाती है।
2024 के बाद की रणनीति का संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति बीजेपी की पोस्ट-2024 रणनीति का हिस्सा है, जिसमें संगठन को ज्यादा चुस्त, युवा और चुनावी तौर पर आक्रामक बनाया जा रहा है। नितिन नबीन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले चुनावों में संगठन की भूमिका और भी निर्णायक होगी।
