रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नक्सल उन्मूलन, कानून सुधार और प्रशासनिक सरलीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने खास तौर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों में राहत की स्पष्ट और चरणबद्ध प्रक्रिया को मंजूरी देकर सरकार की पुनर्वास नीति को और मजबूत किया है।
🔹 आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों में होगा व्यवस्थित समाधान
कैबिनेट ने उन आपराधिक प्रकरणों की समीक्षा और वापसी की प्रक्रिया को अनुमोदित किया है, जो आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों पर दर्ज हैं। यह फैसला छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के अनुरूप लिया गया है।
इसके तहत—
- दर्ज मामलों की समीक्षा के लिए मंत्रिपरिषद उप-समिति गठित की जाएगी
- उपसमिति परीक्षण के बाद मामलों को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखेगी
- जिन प्रकरणों में केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक होगी, वहां केंद्र से अनुमोदन लिया जाएगा
सरकार का मानना है कि इससे नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
🔹 जिला स्तर पर भी बनेगी विशेष समिति
मामलों की जांच को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जिला स्तरीय समितियों के गठन का भी प्रावधान किया गया है।
यह समिति—
- स्थानीय स्तर पर तथ्यों की जांच करेगी
- रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजेगी
- इसके बाद विधि विभाग की राय लेकर मामले मंत्रिपरिषद उप-समिति तक पहुंचेंगे
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और चरणबद्ध बनाया गया है।
🔹 14 अधिनियमों में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में सरकार ने छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप को भी मंजूरी दी। इसके तहत—
- 11 विभागों से जुड़े
- 14 अधिनियमों के
- 116 प्रावधानों को
सरल और नागरिक-अनुकूल बनाया जाएगा।
पहले ही राज्य सरकार 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन कर चुकी है।
🔹 छोटे उल्लंघन, अब लंबी कोर्ट-कचहरी नहीं
सरकार का फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग पर है। इसी दिशा में—
- छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान
- अनावश्यक कारावास और लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत
- न्यायालयों पर बोझ में कमी
इन बदलावों से आम नागरिकों के साथ-साथ कारोबारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
🔹 जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण लाने वाला पहला राज्य
इस फैसले के साथ छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे शासन व्यवस्था अधिक सरल, प्रभावी और भरोसेमंद बनेगी।
🔹 बजट से जुड़े अहम प्रस्ताव को भी हरी झंडी
मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी है।
