रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित है। वे नवा रायपुर में आयोजित होने जा रहे 60वें अखिल भारतीय DGP-IG सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शाम लगभग 7:30 बजे रायपुर पहुंचेगे। एयरपोर्ट से उनका काफिला सीधे नवा रायपुर स्थित एम-01 वीवीआईपी आवास की ओर रवाना होगा, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे।
प्रधानमंत्री 29 और 30 नवंबर को सम्मेलन की प्रमुख बैठकों में शामिल रहेंगे और 30 नवंबर की शाम दिल्ली लौट जाएंगे।
“विकसित भारत: सुरक्षा आयाम” पर तैयार होगा राष्ट्रीय रोडमैप
सम्मेलन की थीम विकसित भारत: सुरक्षा आयाम रखी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान—
- आंतरिक सुरक्षा,
- नक्सल उन्मूलन (LWE),
- महिला सुरक्षा,
- पुलिस सुधार,
- एआई और फोरेंसिक साइंस के उपयोग
जैसे विषयों पर राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी प्रेज़ेंटेशन देंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा चुनौतियों की समीक्षा कर अगले दशक के लिए ठोस नीति रूपरेखा तैयार करना है।
टॉप अधिकारियों के लिए विशेष ठहराव व्यवस्था
PM मोदी जहां एम-01 में रहेंगे, वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एम-11 बंगले में ठहरेंगे।
इसके अलावा—
- एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह,
- आईबी चीफ तपन डेका,
- केंद्रीय गृह सचिव,
- और गृह राज्य मंत्रियों
के लिए नया सर्किट हाउस आरक्षित किया गया है, जिसमें कुल 6 सूइट और 22 कमरे तैयार किए गए हैं।
थाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140, और निमोरा अकादमी में 91 कमरे आवंटित किए गए हैं।
देशभर से आए 75 शीर्ष पुलिस अधिकारी, जिनमें 33 राज्यों के DGP और पैरामिलिट्री फोर्स के 20 DG/ADG शामिल हैं, यहीं ठहरेंगे।
पुलिस पदकों का वितरण और उच्चस्तरीय चर्चा
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
बैठकों में आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। AI और आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के विस्तार पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
2014 से सम्मेलन के स्वरूप में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से इस सम्मेलन में कई सुधार किए गए हैं। अब यह सम्मेलन केवल दिल्ली तक सीमित न रहकर देशभर के प्रमुख स्थलों में आयोजित होता रहा है—
गुवाहाटी, कच्छ का रण, हैदराबाद, टेकनपुर, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया), पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर इसके प्रमुख स्थल रहे हैं।
PM मोदी की पहल पर इस बैठक को फील्ड-ओरिएंटेड, खुली और संवाद-प्रधान बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री से नीति और रणनीति संबंधी सुझाव साझा कर सकते हैं।
