प्रदेशभर के उपार्जन केंद्रों में रौनक, तकनीक आधारित नई व्यवस्था से खरीदी प्रक्रिया होगी और भी सुचारू
रायपुर। सूरज की पहली किरण के साथ आज छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का औपचारिक आगाज हो गया। राज्यभर के उपार्जन केंद्रों में सुबह से किसानों की आवाजाही बढ़ गई है और माहौल उत्साहपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धान खरीदी की शुरुआत को किसानों की मेहनत, भरोसे और राज्य की कृषि परंपरा का उत्सव बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य इस बार पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान-हितैषी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीदी व्यवस्था को लेकर सभी जिलों को पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपार्जन केंद्रों में जरूरी व्यवस्थाएं, स्टाफ, मापतौल सुविधाएं और भंडारण की तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली गई हैं ताकि किसी भी किसान को असुविधा न हो।
तकनीक से होगी खरीदी की मॉनिटरिंग
सरकार ने इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाने के लिए कई नए सिस्टम लागू किए हैं—
- तुंहर टोकन एप,
- GPS आधारित परिवहन व्यवस्था,
- सतर्क एप,
- कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर
इन आधुनिक साधनों के माध्यम से धान की आवाजाही, खरीदी की प्रगति और भुगतान की पूरी प्रक्रिया रियल-टाइम में मॉनिटर की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को सम्मानजनक खरीदी, कतारों में कम समय और समय पर भुगतान देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“किसानों का विश्वास ही राज्य की असली पूंजी”
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की नींव किसानों की निष्ठा और परिश्रम पर टिकी है। धान खरीदी की शुरुआत सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई तकनीकी व्यवस्था और मजबूत प्रबंधन इस वर्ष की खरीदी को पहले से अधिक सरल और सुगम बनाएंगे।
