Chhattisgarh

Bilaspur Train Accident: गलत सिग्नल पर चलाई गई ट्रेन, मृत चालक के खिलाफ FIR दर्ज, कई स्तरों पर जांच शुरू

Bilaspur Train Accident: गलत सिग्नल पर चलाई गई ट्रेन, मृत चालक के खिलाफ FIR दर्ज, कई स्तरों पर जांच शुरू

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए भीषण रेल हादसे को लेकर कई स्तरों पर जांच शुरू हो गई है। रेलवे की ओर से रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) बृजेश कुमार मिश्रा जांच कर रहे हैं, वहीं तोरवा थाना पुलिस ने स्टेशन अधीक्षक की शिकायत पर मृत चालक के खिलाफ FIR दर्ज की है।

बता दें, 4 नवंबर की शाम कोरबा से बिलासपुर आ रही मेमू ट्रेन ने लालखदान स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में मेमू ट्रेन के चालक समेत 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।


🚨 FIR और जांच की स्थिति

रेलवे की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गलत सिग्नल वाली लाइन पर ट्रेन चलाई गई, जिससे यह दुर्घटना हुई।
स्टेशन अधीक्षक निखलेश विठालकर ने इस मामले में मेमू ट्रेन के मृत चालक विद्या सागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने उनके खिलाफ BNS की धारा 106A, 125 और रेलवे एक्ट की धारा 153, 154, 175 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।


🔍 CRS जांच में कौन-कौन से अधिकारी शामिल

रेलवे ने सुरक्षा आयुक्त बृजेश कुमार मिश्रा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने बुधवार से जांच प्रारंभ कर दी है।
अब 6 और 7 नवंबर को बिलासपुर DRM कार्यालय में पूछताछ होगी, जिसमें करीब 19 रेलवे कर्मचारी और अधिकारी दस्तावेजों सहित तलब किए गए हैं।
इनमें शामिल हैं —
सहायक लोको पायलट रश्मि राज, मालगाड़ी के गार्ड सुनील कुमार साहू, मेमू ट्रेन के प्रबंधक ए.के. दीक्षित, मालगाड़ी के मैनेजर शैलेश चंद्र, स्टेशन मास्टर आशा रानी, ज्योत्स्ना रात्रे और निशा कुमारी, सेक्शन कंट्रोलर पूजा गिरी, CLI एस.के. आचार्य, CSM एस.के. निर्मलकर, सेक्शन इंजीनियर जेपी राठौर, जेपी चौधरी, नरेंद्र साहू, बोधन गड़रिया और अन्य तकनीकी कर्मी।


🧾 जांच में क्या-क्या देखा जा रहा है

CRS टीम ने गतौरा स्टेशन के सिग्नल पैनल रूम, रेल लाइन और दोनों प्रभावित ट्रेनों का निरीक्षण शुरू कर दिया है
टीम सिग्नलिंग सिस्टम, ब्रेकिंग पॉइंट और ट्रेन संचालन रिकॉर्ड का सूक्ष्म परीक्षण कर रही है।
साथ ही, सिग्नल डेटा रिकॉर्डर (SDR) और कंट्रोल पैनल लॉग को जब्त कर लिया गया है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार,

“जांच रिपोर्ट में सिग्नल की स्थिति, ड्राइवर और स्टेशन मास्टर के बीच संचार, कंट्रोल रूम के आदेश और मेमू ट्रेन के ब्लैक बॉक्स के डेटा को आधार बनाया जाएगा।”

रेलवे बोर्ड ने तीन दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के बाद सुरक्षा समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


💰 मुआवजा और घायलों की स्थिति

रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ₹10-10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को ₹5-5 लाख और सामान्य घायलों को ₹1-1 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
हादसे में जान गंवाने वालों में मेमू ट्रेन के लोको पायलट विद्या सागर भी शामिल हैं, जबकि सहायक लोको पायलट रश्मि राज, ट्रेन प्रबंधक अशोक कुमार दीक्षित, और मालगाड़ी के गार्ड शैलेश चंद्र फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।


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Editor Jamhoora

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