कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित माता लिंगेश्वरी मंदिर में आज आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे, जिनकी एक ही कामना थी – संतान सुख की प्राप्ति। यह मंदिर विशेष इसलिए है क्योंकि इसके द्वार साल में केवल एक दिन के लिए ही खुलते हैं। इसी वजह से इसे लोग “एक दिन का मंदिर” भी कहते हैं।

सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुले पट
सुबह सूर्योदय से पहले मंदिर के पट खोले गए और शाम होते-होते परंपरा अनुसार फिर बंद कर दिए गए। अब श्रद्धालुओं को अगले साल तक इंतजार करना होगा। दर्शन का लाभ लेने के लिए भक्त एक दिन पहले से ही मंदिर परिसर पहुंचकर कतारों में खड़े हो गए थे। कई किलोमीटर लंबी लाइनों में महिलाएं, पुरुष और दंपत्ति भोजन व अन्य सामग्री लेकर पहुंचे।

संतान सुख की अद्भुत मान्यता
मान्यता है कि माता लिंगेश्वरी के दरबार में माथा टेकने और यहां प्रसाद स्वरूप मिलने वाले खीरे का सेवन करने से संतान सुख की मनोकामना पूरी होती है। परंपरा के मुताबिक, दंपत्ति को प्रसाद में खीरा दिया जाता है, जिसे पति-पत्नी नाखून से दो बराबर हिस्सों में बांटकर ग्रहण करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और बदलता माहौल
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कभी यह इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, लेकिन अब माहौल बदल चुका है। यही कारण है कि आज हजारों श्रद्धालु बिना किसी डर के यहां पहुंचे और माता लिंगेश्वरी के दरबार में हाजिरी दी।
