79वां स्वतंत्रता दिवस बस्तर के लिए ऐतिहासिक, भय और दहशत की जगह अब उत्साह व देशभक्ति का माहौल
रायपुर, 14 अगस्त 2025 —
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 14 गांवों में इस बार 15 अगस्त को आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों के नए शिविर स्थापित होने से इन इलाकों में राष्ट्रीय त्योहार मनाना संभव हुआ है और विकास का रास्ता भी खुला है।
किन गांवों में पहली बार तिरंगा
बस्तर क्षेत्र के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि—
• बीजापुर: गुंजेपर्ती, पुजारीकांकेर, भीमाराम, कोरचोली, कोटपल्ली
• नारायणपुर: कुतुल, बेड़माकोटी, पदमकोट, कांदुलनार, नेलांगुर, पांगुर, रायनार
• सुकमा: उसकावाया, नुलकातोंग
इन गांवों में अब तक न स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था, न ही गणतंत्र दिवस। इसी तरह, इस साल गणतंत्र दिवस पर पहली बार तिरंगा फहराने वाले तीनों जिलों के 15 अन्य गांवों में भी स्वतंत्रता दिवस के उत्सव होंगे।
नक्सलियों की पकड़ ढीली, काले झंडों का दौर खत्म
आईजी सुंदरराज ने बताया कि नए कैंप स्थापित होने से नक्सलियों का दबदबा घटा है और स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस पर काले झंडे लगाने की घटनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। अब यहां देशभक्ति के माहौल में तिरंगा फहराया जाएगा।
बच्चों से बुजुर्गों तक सबकी भागीदारी
गांवों में बच्चे देशभक्ति के गीतों का अभ्यास कर रहे हैं, वहीं बुजुर्ग आयोजन में मदद कर रहे हैं। सुरक्षाबलों और ग्रामीणों की संयुक्त भागीदारी से प्रशासन व जनता के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।
सुरक्षा और उम्मीद की नई लहर
नए शिविरों ने ग्रामीणों में सुरक्षा, आत्मविश्वास और अपनेपन की भावना पैदा की है। अधिकारी कहते हैं कि यह बदलाव सुरक्षाबलों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
पूरे राज्य में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां पूरी
राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पुलिस परेड मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य के मंत्री और विधायक विभिन्न जिलों में कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
माओवाद प्रभावित इलाकों समेत पूरे राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ और केंद्रीय बल लगातार गश्त कर रहे हैं।
