रायपुर। दुर्ग के बागडूमर स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी की छात्रा के “राधे-राधे” कहने पर प्राचार्य और संचालिका ने उसके मुंह पर टेप चिपका दिया और छड़ी से पिटाई कर दी। 30 जुलाई को हुई इस घटना पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है।
आयोग ने प्रकरण क्रमांक 1351/2025 दर्ज कर स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य को 14 अगस्त 2025 को दोपहर 12:30 बजे तलब किया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी और नंदिनी थाने के प्रभारी को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने पीड़ित बच्ची और उसके पालकों से मुलाकात कर स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह घटना न केवल बच्ची और उसके परिवार के धार्मिक पंथ चुनने के अधिकार का हनन है, बल्कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत बच्चों के प्रति क्रूरता का मामला भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच गंभीरता और निष्पक्षता से होगी, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
इस घटना की शिकायत 31 जुलाई 2025 को नंदिनी नगर थाने में दर्ज हुई थी। पुलिस ने एफआईआर के बाद स्कूल की संचालिका को गिरफ्तार किया। अब बाल आयोग ने भी मामले में सक्रिय हस्तक्षेप शुरू कर दिया है।
